ममता

धरती की इस छाव में

गगन की इन वादियों में

बंदा एक परेशान है

देख पहली बार अपनी मां

बच्चा हैरान ह

मेले से उन चिथड़ो में

लिपटी हुई ह वो ममता

जिसके लिए उसका बेटा राजकुमार ह

जिसने अपने लाल को छाती

लगा के पाला

आज एक हुसन वाली के

कहने में भूल गया मां का पयार ह

धुकरता ह वो अपनी मां को

जिसने उसे दिखाया ये संसार ह

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